उत्तरप्रदेश में 30 से अधिक सांसदों के टिकट काटेगी भाजपा, तैयारी शुरू

दिल्ली: उत्तरप्रदेश में लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं. भाजपा फिर 2014 लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को दोहराना चाह रही है. लेकिन समाज के विभिन्न तबकों के बीच उभरे असंतोष को लेकर पार्टी परेशान है. ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही नाराजगी को लेकर चिंतित पार्टी 30-35 सांसदों के टिकट काट जिताऊ उम्मीदवार की तलास कर रही है.

भाजपा को 2014 में सहयोगी दलों के साथ मिलकर राज्य की 80 में से 73 सीटें हासिल की थीं, जिनमें अकेले भाजपा के खाते में 71 सीटें आईं थीं. इसके बाद विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने 300 से अधिक सीटों पर कब्जा जमाया था.

भाजपा सूत्रों की मानें तो पार्टी ने सभी सांसदों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करना शुरू कर दिया है. इस काम में पार्टी नेताओं तथा संघ के नेताओं की भी राय ली जा रही है. माना जा रहा है कि भाजपा प्रदेश में अपने 30 से 35 सांसदों के टिकट काट कर उनकी जगह नये उम्मीदवार ला सकती है.

पार्टी मानना है कि जो स्थानीय स्तर पर नाराजगी है स्थानीय सांसद से है ना कि भाजपा या केंद्र सरकार से. माना जा रहा है कि जिन सांसदों के टिकट कटने वाले हैं उनमें कई ऐसे हैं जोकि 2014 में ऐन चुनावों के मौके पर भाजपा में आये थे. जवकि कुछ नाम ऐसे भी हैं जोकि इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे या उन्हें उम्मीदवार ही नहीं बनाया जायेगा. ऐसे नामों में कानपुर से डॉ. मुरली मनोहर जोशी और देवरिया से कलराज मिश्र का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है.

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता की मानें तो पार्टी की रणनीति है कि दूसरे दलों के जो सशक्त उम्मीदवार हैं उन्हें उन सीटों पर उतारा जाये जहां हमारे सांसद के प्रति नाराजगी है. पार्टी ने इस रणनीति पर भी काम शुरू कर दिया है.

किस क्षेत्र से किसको उम्मीदवार बनाया जाये इस काम में आरएसएस के लोगों को भी लगाया गया है. जिसके कार्यकर्ताओं ने फीडबैक लेने का काम शुरू भी कर दिया है.

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