बरेली में पॉलीथीन वेस्ट का पहाड़, फिर भी दिल्ली से वेस्ट खरीद बनाई जा रही सड़कें, वजह कर देगी हैरान

बरेली. पॉलीथीन शहर की सुंदरता और सेहत में बट्टा तो लगा रही है. साथ ही पर्यावरण को दूषित कर रही है. बरेली के बाकरगंज में कूड़े के ढेर ने पहाड़ का रूप ले लिया है. इस कूड़े में अधिकतर वेस्ट पॉलीथीन है. सॉलिड वेस्ट प्लांट चालू न होने की वजह से कूड़े का ढेर रोज बढ़ता जा रहा है.

स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढाते हुए पीडब्ल्यूडी द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बरेली में अनुपयोगी पॉलीथीन और प्लास्टिक वेस्ट का इस्तेमाल कर सड़कें बनाई जा रही है. इंजीनियर्स का मानना है कि प्लास्टिक वेस्ट के इस्तेमाल से प्रदूषण भी कम होगा साथ में कम लागत से टिकाऊ सड़क का निर्माण होगा.

बहेड़ी और मीरगंज में प्लास्टिक के प्रयोग से बनाई गई दोनों सड़कों में दिल्ली की वेस्ट पॉलीथीन और प्लास्टिक का उपयोग किया गया है. जबकि बरेली में पड़ा प्लास्टिक वेस्टेज पर्यावरण को प्रदूषित कर रहा है.

जानिये बरेली की वेस्ट पॉलीथीन से क्यों नहीं बन रही सड़क

बरेली में सॉलिड वेस्ट प्लांट सालों से बंद पड़ा है. जिस वजह से कूड़ा और वेस्ट प्लास्टिक का बाकरगंज में पहाड़ बन गया है. अगर यह प्लांट चालू होता तो बरेली की वेस्ट प्लास्टिक को रिसाइकिल कर उसे ग्रेन्यूल्स में तब्दील कर सड़क निर्माण में उसका उपयोग किया जा सकता था.

लेकिन निजी लाभ के चलते सॉलिड वेस्ट प्लांट को बंद करा दिया गया. जिसका खामियाजा आम जनता को उठाना पढ़ रहा है. सॉलिड वेस्ट प्लांट बंद होने की वजह से ग्रेन्यूल्स का उत्पादन नहीं हो पा रहा है.

इस लिए सड़क निर्माण कर रही संस्था को अन्य राज्यों से प्लास्टिक वेस्ट से बने ग्रेन्यूल्स को मंगाना पड़ रहा है. अन्य राज्य से ग्रेन्यूल्स आयात करने पर सड़क निर्माण कर रही संस्था को ट्रांसपोर्ट का खर्च भी उठाना पड़ रहा है.

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