आजाद भारत में ‘कैद’ हुए संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को लोहे की जाली काट कराया गया आजाद

बदायूं: आजाद भारत में काफी समय से संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को लोहे के जाल में कैद कर ताला डाल दिया गया था.

उपवास के दौरान भाजपा सांसद की पहल  पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को आजाद कर दिया गया. अब उनकी सुरक्षा में एक सिपाही तैनात किया गया है.

भाजपा सांसद ने कराया आजाद

भाजपा के एक दिवसीय उपवास के दौरान लोगों ने आंवला सांसद धर्मेन्द्र कश्यप व सदर विधायक महेश चन्द्र गुप्ता को बताया कि गद्दी चौक स्थित अंबेडकर पार्क में स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमा लोहे के पिंजरे की कैद है.

इसके बाद उन्होंने खुद पिंजड़ा हटाकर बाबा साहेब की प्रतिमा को पिजड़े से आजाद करने का ऐलान किया था. जिसके बाद जिला प्रशासन ने आननफानन बाबा साहेब की प्रतिमा पर लगा जाल काट उन्हें आजादी दिलाई.

आपको बतादें कि पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से महापुरुषों की मूर्तियों के टूटने की घटनाएं सामने आने के बाद से प्रशासनिक अमला कुछ ज्यादा ही सतर्क हो गया है. इसी वजह से बदायूं शहर के बीचों-बीच चौराहे के पास लगी डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को लोहे की सलाखों में बंद कर ताला लगा दिया गया था.

एसडीएम पारसनाथ मौर्य ने बताया कि 14 अप्रैल को डॉ. आंबेडकर जयंती तक मूर्तियों की विशेष सुरक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं. ऐसी आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व मूर्तियों को नुकसान पहुंचा कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं. लेकिन मूर्ति को लोहे की सलाखों में किसने बंद किया इस सवाल पर उन्होंने भी अनभिज्ञता जताई.

यही नहीं बदायूं के कुंवरगाँव दुगरैया में कुछ दिन पहले बाबा साहेब की भगवा रंग की प्रतिमां लगाई गई थी. विवाद बढ़ने पर फिर प्रीतिमा की नीले रंग से पुताई की गई थी.

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