सोशल साइट पर तैयार हो रही वोट की फसल, जातिवाद का उगला जा रहा जहर

बरेली. सोशल साइट बैसे तो लोगों को अपनी बात रखने का एक उचित माध्यम है. लेकिन कुछ दिनों से सोशल साइट पर तथाकथित लोगों द्वारा धर्म, सम्प्रदाय और जातियों के नाम पर जहर घोलने का काम किया जा रहा है.

चाहे मुद्दा आरक्षण का हो या राजनैतिक रोटियां सेकने का. इस समय चारो तरफ नफरत के बीज बोये जा रहे हैं. लोगो द्वारा सोशल साइट पर जमकर एक दूसरे जाति धर्म को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की जा रही है.

 

लेकिन प्रशासन इस मामले को पूरी तरीके से रोक लगाने में नाकाम साबित हो रहा है. समाज के कुछ लोग ऐसे भी है जो धार्मिक उन्माद वाली पोस्ट करने से लोगों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं. उनके द्वारा आग्रह किया जा रहा है कि इस तरह की पोस्ट करने वाली अधिकतर आईडी फर्जी बनी होती हैं.

 

फिर भी हथियार बने सोशल साइट पर जमकर जाति धर्म और नफरत का जहर उगला जा रहा है. सबसे अधिक पोस्टें लोगों को उकसाने वाले संदेशों की की जा रही हैं.

यही नहीं राजनीतिक दलों के सत्ता में रहने के दौरान उनके कामकाज को जाति व संप्रदाय विशेष से जोड़कर लोगों के ध्रुवीकरण का जमकर प्रयास किया जा रहा है.

 

सोशल साइट पर इस वक्त जातियों के नाम पर जबरदस्त वार छिड़ी है. इस समय सबसे बड़ा मुद्दा आरक्षण समर्थकों और विरोध करने वालों के बीच देखने को मिल रहा है.

कुछ दिनों से सोशल साइट पर लगातार जातिगत पोस्ट की जा रही हैं. दलित समाज हो या क्षत्रिय-सवर्ण समाज दोनों ओर से सोशल साइट पर जबरदस्त जहर उगला जा रहा है. अभी हाल में दो दिन पहले एक धार्मिक पोस्ट को लेकर बरेली के बिथरी थाने में एक मुस्लिम समुदाय के युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. इसके बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे.

जो आंकड़े आपके सामने ला रहे है उन्हें देख आप हैरान रह जायेंगे. पूरी दुनिया में फेसबुक के सबसे ज्यादा एक्टिव यूजर्स भारत में हैं. भारत में 24 करोड़ से ज्यादा लोग फेसबुक पर एक्टिव हैं. जबकि ट्वीटर यूजर्स के मामले में भी भारत दुनिया के टॉप 10 देशों की सूची में 9वें स्‍थान पर है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *