योगी सरकार के खिलाफ बगावत पर उतरा यह सरकारी विभाग, ये है बड़ी वजह

बरेली. निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संगठन योगी सरकार के खिलाफ बगावत पर उतर आये हैं.

विधुत संगठन बिजली निजीकरण का विरोध कर रहे हैं. आज दूसरे दिन विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में धरना प्रदर्शन किया.

समिति के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार द्वारा पांच महानगर लखनऊ,वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, मुरादाबाद और 7 जिलों रायबरेली, मऊ, बलिया, उरई, इटावा, कन्नौज व सहारनपुर की बिजली निजीकरण किये जाने पर रोष जताया.

उन्होंने कहा कि बिजली निजीकरण जन विरोधी फैसला है. संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार निजीकरण के फैसले को अगर वापस नहीं लेती है तो प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन किया जायेगा.

विद्युत कर्मचारी संगठनों ने कहा कि सरकार के तुगलकी फरमान से प्रदेश की बिजली व्यवस्था चौपट हो जाएगी.

सरकार से डटकर होगा मुकाबला

विधुत संगठन सरकार से आरपार की लड़ाई के मूड़ में दिखाई दे रहे हैं. इसके चलते कई संगठनों को एक बैनर के नीचे लाकर विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया गया है.

जिसमे प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश राज्य विधुत परिषद् अभियंता संघ, विधुत मजदूर पंचायत, उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश विधुत मजदूर संघ, उत्तर प्रदेश बिजली मजदूर संघ के अलावा कई संगठनों का समर्थन मिल रहा है.

यह रहे मौजूद

उत्तर प्रदेश राज्य विधुत परिषद् अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव रणजीत चौधरी, आकांक्षा, विकास सिंह, महेश गंगवार, मनोज शर्मा आदि रहे.

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