अखिलेश की मीटिंग से शिवपाल-आजम रहे नदारद, खड़ी हो सकती है बड़ी मुसीबत

लखनऊ. राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और विपक्ष आमने सामने हैं. दोनों पक्ष अपने-अपने खेमे को मजबूत करने के लिए जरूरी संख्या बल जुटाने में लगे हुए हैं.

इसके लिए सपा ने आज शाम 7 बजे डिनर डिप्लोमेसी का आयोजन किया है. इससे पहले अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यालय पर सभी विधायकों की बैठक बुलाई थी. जिसमे सभी को आना अनिवार्य था.

बैठक में शिवपाल- आजम खां और उनके बेटे विधायक उमर अब्दुल्ला नहीं पहुंचे. जिसे लेकत तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं. हालांकि अभी उनकी तरफ से न पहुँचने का कोई कारण नहीं बताया गया है. अगर अभी भी शिवपाल यादव की नाराजगी बनी रहे तो अखिलेश के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है.

बतादें कि अखिलेश की मीटिंग में 47 में से 40 विधायक पहुंचे थे. मालूम हो कि प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटों के लिए 23 मार्च को चुनाव होना है.

बसपा के राज्यसभा प्रत्याशी भीमराव अम्बेडकर की जीत सुनिश्चित करने के लिए सपा खेमे में डिनर डिप्लोमेसी की कवायद शुरू हुई है. लखनऊ में बुधवार शाम 7 बजे होटल ताज में डिनर का आयोजन किया गया है. इसमें सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के साथ राम गोपाल यादव, शिवपाल यादव और निर्दलीय विधायकों समेत पूर्व मंत्रियों को न्यौता भेजा गया है. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी डिनर में उपस्थित रहेंगे.

गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह की तरफ से डिनर का आयोजन किया जा रहा है. माना जा रहा है कि इस डिनर पर सपा के 200 से ज्यादा सदस्य उपस्थित रहेंगे. वैसे इस डिनर को लेकर नेताओं का कहना है कि ये लोकसभा उपचुनाव में सपा को मिली जीत के सेलिब्रेशन के लिए आयोजित किया जा रहा है.

राज्यसभा में सीटों की गणित पर नजर डालें तो बसपा के 19, सपा के 10 और कांग्रेस के 7 विधायकों के एक साथ आने के बाद भी सीट जिताने के लिए कुछ विधायक चाहिए. हालांकि ये देखने वाला होगा कि राजा भैया समाजवादी पार्टी समर्थित बसपा उम्मीदवार को समर्थन देते हैं या नहीं. कारण ये है कि बसपा सरकार में राजा भैया के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए और उन्हें कई महीनों तक जेल काटनी पड़ी थी.

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