इन घरेलू उपायों से छुडाएं बच्चे का नींद में बिस्तर पर पेशाब करना

बच्‍चों का बिस्‍तर पर पेशाब करना एक आम बात है. लेकिन ये समस्‍या तब ज्‍यादा शर्मनाक लगने लगती है जब बढ़ती उम्र के साथ यह समस्‍या से बढ़ती चली जाती है.

7- 8 साल की उम्र के बाद बिस्‍तर में पेशाब करने की यह स्थिति चिंताजनक हो जाती है. वयस्‍को के मुकाबले बच्‍चों का ब्‍लैडर छोटा होता है, जिस वजह से वो पेशाब रोक नहीं पाते है और सोते हुए भी अक्‍सर पेशाब कर लेते है.

जो बच्चे बिस्तर गीला कर देते हों उन्हें सोने से पहले छुहारे के कुछ टुकडे खिला दें. साथ ही यह भी ध्यान रखें कि शाम होने के बाद उन्हें तरल पदार्थ न पिलाएं. भोजन में आलू का हलवा बनाकर खिलाएं. इस उपचार से यह समस्या समाप्त हो जाएगी.

जायफल एक चौथाई चम्‍मच एक कप गुनगुने दूध में मिलाकर सुबह और शाम बच्‍चें को पिलाने से बिस्‍तर गीला करने की समस्‍या का समाधान करने में मदद मिलती है.

दूध और गुड़ ठंड लगने की वजह से कई बार रात को बिस्‍तर में पेशाब कर देते है. गुड़ के सेवन से शरीर में गर्मी आती है, जिससे बिस्‍तर पर पेशाब करने में कमी आने लगती है. इसके लिए प्रतिदिन सुबह गुनगुने दूध के साथ बच्‍चों को गुड़ खाने दीजिए.

अखरोट बच्चों को प्रतिदिन दो अखरोट व 10-12 किशमिश के दाने 15-20 दिनों तक खिलाएं. उनकी बिस्तर में पेशाब करने की आदत दूर हो जाएगी. व दो ग्राम पिसी हुई मिश्री मिलाकर एक चम्मच मात्रा की फंकी बच्चे को दें. इसके ऊपर से शीतल जल पिलाएं इससे बिस्तर में पेशाब करने का रोग दूर हो जाएगा.

एक ग्राम पिसा हुआ आंवला, एक ग्राम पिसा हुआ काला जीरा व दो ग्राम पीसी हुई मिश्री मिलाकर एक चम्मच मात्रा कि फंकी बच्चे को दें. इसके ऊपर से शीतल जल पिलाएं. इससे बिस्टर में पेशाब करने का रोग दूर हो जायेगा.

50 ग्राम सूखा आंवला व 50 ग्राम काला जीरा को कूट -पीसकर 300 ग्राम शुद्ध शहद में मिला लें. इसमें से छह ग्राम सुबह-शाम बच्चों को चटाएं.

आधा केला व एक चौथाई कप आंवले के रस में स्वादानुसार चीनी मिलाकर पिलाएं. इससे बच्चे को बार-बार पेशाब आना बंद हो जाएगा.

जामुन की गुठली का चूर्ण पानी के साथ मिलाकर बच्चे को पिला दें. बच्चा बिस्तर में पेशाब करना बंद कर देगा.

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