अन्ना हजारे बोले, वादों-विज्ञापनों से खत्म नहीं होगा भ्रष्टाचार

नई दिल्ली. समाजसेवी अन्ना हजारे ने किसानों की स्थिति को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार किसान की नहीं बल्कि अंबानी, अडानी जैसे उद्योगपतियों के बारे में सोच रही है.

हजारे ने कहा, भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के बड़े-बड़े वादे किए गए, अखबारों में विज्ञापन दिए. मगर काम नहीं होता. उन्होंने कहा कि वादों और विज्ञापनों से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा.

अन्ना हजारे ने कहा कि मैंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. जिसमें साफ कहा गया है कि किसान को उसकी फसल का दाम नहीं मिलने के लिए सरकार सीधे जिम्मेदार है.

उन्होंने बताया कि देश में 70 साल में 12 लाख किसानों ने आत्महत्या की है. हजारे ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी ने सत्ता में आने के बाद लोकपाल विधेयक लागू करने की बात कही थी. इसके अलावा उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त भारत की कल्पना को साकार रुप देने का आश्वासन दिया था.

लेकिन इसके लिए सिर्फ प्रचार प्रसार किया जा रहा है और हो कुछ नहीं. उन्होंने कहा कि सरकार में इच्छाशक्ति की कमी है.

उन्होंने कहा कि जब-जब हमने सरकारों के खिलाफ आंदोलन किए. तब-तब हमें जेल में डाल दिया गया. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दम पर महाराष्ट्र में हमने दो बार सरकार गिरा दी. हमारे आंदोलन से देश की कांग्रेस सरकार गिर गई.

उन्होंने कहा कि हमारा मकसद है कि आम जनता को सुविधा मिले, किसानों को उनकी फसल का लाभ मिले.

अन्ना ने कहा कि पैसे से सत्ता, सत्ता से पैसा कमाना नेताओं का काम है. माल खाए मदारी और नाच नाच करे बंदर जैसी स्थिति है. उन्होंने जनता से 23 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित आंदोलन में शामिल होने की अपील की.

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